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अगर आपको शक है कि… आपके दूध में पानी या यूरिया है घी में तेल या आलू की मिलावट है मिठाई में इस्तेमाल मावा मिलावटी है …तो आसानी से आप इस शक को दूर कर सकते हैं। बस एक सैंपल लीजिए और अपने नजदीकी राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) की लैब पर पहुंच जाइए। वहां आप इस सैंपल की फ्री में जांच करा सकेंगे। आपको तुरंत आपके मोबाइल पर जांच रिपोर्ट मिल जाएगी। जिससे पता चल जाएगा कि सैंपल मिलावटी है या नहीं और अगर है तो कितनी मिलावट है? आरसीडीएफ ने दूध और दूध से बने उत्पादों में मिलावट को जड़ से समाप्त करने की दिशा में ये पहल की है। भास्कर रिपोर्टर ने जयपुर स्थित आरसीडीएफ की लैब में जाकर सैंपल ले जाने से लेकर रिपोर्ट आने तक का पूरा प्रोसेस जाना। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… कैसे कराएं जांच? कैसे होती है जांच? सैंपल को उच्च तकनीक वाली मशीनों में रखा जाता है, जिससे उसमें मौजूद तत्वों का विश्लेषण किया जाता है। पहले सैंपल को निश्चित तापमान पर गर्म किया जाता है, ताकि मिलावट की पहचान आसान हो सके। मशीन की सहायता से दूध में मौजूद मिलावट तत्वों का पता लगाया जाता है, चाहे वह पानी हो या कोई अन्य हानिकारक पदार्थ। लगभग आधे सैंपल जांच में सब-स्टैंडर्ड पाए गए आरसीडीएफ ने राजस्थान भर में जनवरी में कुल 10,094 सैंपल लिए, जिनमें से 4,837 सैंपल सब-स्टैंडर्ड पाए गए। इनमें ऐसे तत्व मिले जो स्वास्थ्य के लिए तो हानिकारक नहीं थे, लेकिन निर्धारित मापदंडों पर खरे नहीं उतरते थे। इनमें पानी की मिलावट भी शामिल थी। वहीं, 140 सैंपल एडल्टरेटेड पाए गए। यानी इनमें स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक तत्व मौजूद थे। इसी तरह, 24 मार्च से 2 अप्रैल तक कुल 1,063 सैंपल लिए गए, जिनमें से 369 सब-स्टैंडर्ड और 11 एडल्टरेटेड पाए गए। कौन-कौन सी मिलावट की जांच संभव? वर्तमान में प्रयोगशाला में कुल 25 प्रकार की मिलावट की जांच की जा रही है, लेकिन आने वाले समय में यह संख्या 36 तक बढ़ाई जाएगी। …. ये खबर भी पढ़िए… जयपुर डेयरी बेटियों की शादी में देगी 21 हजार रुपए:मायरा के रूप में दी जाएगी रकम; डेढ़ लाख किसानों को होगा फायदा जयपुर डेयरी (जयपुर जिला दुग्ध उत्पादक संघ लि.) की तरफ से दुग्ध उत्पादकों की बेटियों की शादी में मायरा भरा जाएगा। इसके लिए 5 अप्रैल को ‘सरस लाडो मायरा योजना’ लॉन्च की जाएगी। पूरी खबर पढ़िए…

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