उदयपुर की फतहसागर झील में चलती बोट से कूदकर सुसाइड करने वाले युवक का शव तीसरे दिन गुरुवार को मिल गया। शव पानी के अंदर झाड़ियों में फंसा था। जिसे सिविल डिफेंस की टीम ने 36 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। मृतक की पहचान 25 वर्षीय जालोर के सायला निवासी दिनेश पुरोहित के रूप में हुई है। सिविल डिफेंस टीम के कैलाश मेनारिया ने बताया कि मृतक ने सुसाइड करने से पहले मंगलवार शाम करीब 5 बजे अपने चाचा को अंतिम बार कॉल किया था। जिसमें उसने बताया कि उसने जहर पी लिया है और वह अब मरने वाला है। चाचा ने उससे करंट लोकेशन के बारे में पूछा तो मृतक ने कहा था कि मरने के बाद पता लग जाएगा। इसके बाद कॉल काट दिया। चाचा उसके मोबाइल पर वापस कई बार कॉल लगाते रहे लेकिन उसका कॉल नहीं लगा। सिविल डिफेंस की टीम ने शव को अंबामाता थाना पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस ने शव एमबी हॉस्पिटल मोर्चरी में रखवाया। जहां उसका पोस्टमार्टम होगा। इस रेस्क्यू में गोताखोर विजय नकवाल, भवानी शंकर वाल्मीकि, विपुल चौधरी, मनोज, रवि शर्मा, मुकेश सेन की भूमिका रही। चलती बोट से झील में कूदा था युवक
घटना मंगलवार शाम करीब 5 बजे की है जब मृतक दिनेश पुरोहित बोट में सवार हुआ था। उस बोट में अन्य टूरिस्ट भी थे। बोट जब झील के बीचोंबीच में पहुंची तब उसने अपना मोबाइल बोट में पटका और चलती बोट से ही झील में छलांग लगा ली। इसके तुरंत बाद बोट में बैठे बाकी टूरिस्ट सहम गए। तुरंत पुलिस और सिविल डिफेंस को सूचना दी गई। सिविल डिफेंस की टीम ने मंगलवार देर रात तक शव तलाश लेकिन सफलता नहीं मिली। फिर दूसरे दिन बुधवार को रेस्क्यू आॅपरेशन चलाया। तब भी शव नहीं मिला था। मृत मुंबई में हैंडीक्रॉफ्ट की दुकान चलाता था
जानकारी अनुसार मृतक दिनेश पुरोहित और उनका परिवार कई सालों से मुंबई में रहता है। वहां दिनेश हैंडीक्रॉफ्ट की दुकान करता है। अंबामाता थाने के एएसआई आसिफ अली ने बताया कि मृतक ने सुसाइड क्यों और किस कारण से किया है। इस बारे में जांच की जा रही है।
