बाघिन ऐरोहेड के शावक अब एडल्ट होकर अपनी टेरिटरी की तलाश में घूम रहे हैं। इनमें से एक शावक को रणथंभौर दुर्ग खासा पसंद आ रहा है। जहां अक्सर शावक जंगल से निकलकर दुर्ग में आ जाता है।
ऐसा ही वाकया एक बार फिर बुधवार सुबह देखने को मिला, जब बाघिन का शावक जंगल से निकलकर रणथंभौर दुर्ग में जा पहुंचा। हालांकि वन विभाग की ओर से शावक की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। रणथंभौर टाइगर रिजर्व के ROPT (रेंज ऑफ प्रोजेक्ट टाइगर) के रेंजर अश्वनी प्रताप सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह 6 बजे बाघिन टी-84 ऐरोहेड का एक शावक जंगल से निकलकर रणथंभौर दुर्ग आ पहुंचा। यहां शावक 32 खम्भ की छतरी, हम्मीर महल के आसपास घूमता दिखाई दिया। इसकी सूचना यहां मौजूद लोगों ने वन विभाग को दी।
सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। यहां पहुंचकर वन विभाग की टीम शावक की मॉनिटरिंग शुरू कर दी है। फिलहाल शावक का मूवमेंट रणथंभौर दुर्ग में ही बना हुआ है। वहीं जानकारी के अनुसार अभी तक वन विभाग और मंदिर ट्रस्ट की ओर से त्रिनेत्र गणेश के दर्शनों पर रोक नहीं लगाई है। लगातार बना हुआ है शावक का मूवमेंट
रणथंभौर दुर्ग ऐरोहेड के शावक की पसंदीदा जगह बन गया है। जहां वह अक्सर एक-दो सप्ताह में जंगल निकल कर पहुंच रहा। यहां शावक को पर्याप्त शिकार और रहने के लिए खंडहर आसानी से मिल रहे हैं। जिसकी वह यहां बार बार आ रहा है।