राजस्थान सरकार ने वर्ष 2024-25 के बजट में राज्य कर्मचारियों को पदोन्नति के लिए आवश्यक अनुभव में 2 साल की छूट दी है। लेकिन इस छूट में एक विवादास्पद शर्त जोड़ दी गई है। नई व्यवस्था के अनुसार, यह छूट केवल उन कर्मचारियों को मिलेगी जिन्होंने पहले कभी पदोन्नति में अनुभव की छूट का लाभ नहीं लिया है। हालांकि, इस शर्त के कारण वे कर्मचारी भी लाभ से वंचित हो जाएंगे जिन्होंने पहले कभी छूट नहीं ली। सरकारी अधिकारियों का मानना है कि इस शर्त के साथ की गई पदोन्नतियां न्यायालय में चुनौती का सामना कर सकती हैं। यह स्थिति सरकार की कर्मचारी कल्याण नीति के विपरीत है। राजस्थान सचिवालय कर्मचारी संघ ने इसका विरोध किया है। प्रभावित कर्मचारियों ने इस शर्त को हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर इस प्रावधान में संशोधन नहीं किया गया तो वे धरना प्रदर्शन करेंगे। कर्मचारियों का मानना है कि यह छूट सिर्फ दिखावटी है और इससे किसी को वास्तविक लाभ नहीं मिलेगा। विशेषज्ञों का सुझाव है कि सरकार को इस विवादित शर्त को या तो हटा देना चाहिए या फिर इसमें संशोधन करना चाहिए। इससे कर्मचारियों को बजट घोषणा का वास्तविक लाभ मिल सकेगा और सरकार की छवि भी बेहतर होगी।