रवींद्र मंच पर चल रहे आलारिपु हास्य नाट्य समारोह में आलारिपु संस्था के कलाकारों ने नाटक ‘पीरन’ का मंचन किया। कहानी में दिखाया गया कि बहुत से कलाप्रेमी मंटो की कहानियों के दीवाने हैं और उसकी कहानी का मंचन देखने के लिए कैसे-कैसे बहाने बनाकर पहुंचते हैं। नाटक ने दर्शकों को खूब हंसाया। मंटो की हर कहानी समाज का आईना है, जो सत्य घटनाओं की दास्तां बताती है। इसकी कहानी सआदत हसन मंटो ने लिखी और मंच परिकल्पना व निर्देशन सिकंदर अब्बास ने किया। वहीं अनुपम रंग थिएटर सोसायटी के कलाकारों ने ‘शर्तिया इलाज’ का मंचन किया। इसमें कहानी मोगली नामक एक आठवीं फेल फर्जी डॉक्टर की है। जो बेधड़क अपनी क्लिनिक खोलकर बैठा है और लोगों को इलाज की गारंटी देकर उनकी जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहा है। अपने पास इलाज करवाने के लिए आने वाले मरीजों को झांसे में लेकर उन्हें स्वस्थ करने की जगह असमय मौत के मुंह में धकेल रहा है। अंत में वह कानून की गिरफ्त में आ ही जाता है। नाटक का लेखन व निर्देशन वरिष्ठ रंगकर्मी के.के. कोहली ने किया। इसमें गली-मोहल्लों में क्लिनिक या छोटे अस्पतालों के रूप में अपनी दुकानें खोलकर बैठें फर्जी डॉक्टर बने झोलाछापों की समस्या को दिखाते हुए उनसे सजग व सतर्क रहने का संदेश दिया। संस्था के कार्यक्रम प्रसार प्रबंधक सुनील कुमार जैन और सचिव सिकंदर चौहान ने समारोह के अंत में सभी कलाकारों को सम्मानित किया।