Cyclone Montha Update: आंध्र प्रदेश में मचा तूफान का कहर, 16 जिलों में रेड अलर्ट जारीCyclone Montha Update: आंध्र प्रदेश में मचा तूफान का कहर, 16 जिलों में रेड अलर्ट जारी

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आंध्र प्रदेश में चक्रवात ‘मोंथा’ का खतरा, 16 जिलों में रेड अलर्ट — मुख्यमंत्री ने दिए राहत के निर्देश

आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में चक्रवात ‘मोंथा (Cyclone Montha)’ का खतरा गहराता जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को जानकारी दी कि यह तूफान मंगलवार शाम या रात तक काकीनाडा के पास मछलीपट्टनम और कालिंगपट्टनम के बीच तट से टकरा सकता है।

Cyclone Montha Update: आंध्र प्रदेश में मचा तूफान का कहर, 16 जिलों में रेड अलर्ट जारी
Cyclone Montha Update: आंध्र प्रदेश में मचा तूफान का कहर, 16 जिलों में रेड अलर्ट जारी

मोंथा के गंभीर चक्रवाती तूफान (Severe Cyclonic Storm) में बदलने की पूरी संभावना जताई गई है, जिसकी रफ्तार 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है और झोंकों में यह 110 किमी/घंटा तक जा सकती है।

इस गंभीर चेतावनी के बीच मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राहत कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो और प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित मदद पहुँचाई जाए।


16 जिलों में रेड अलर्ट, पांच में ऑरेंज अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग ने मंगलवार, 28 अक्टूबर को 16 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है।
इनमें से प्रमुख जिले हैं:
एसपीएसआर नेल्लोर, प्रकाशम, बापटला, गुंटूर, कृष्णा, पश्चिम गोदावरी, डॉ. बी.आर. अम्बेडकर कोनसीमा, काकीनाडा, अनकापल्ली, विशाखापट्टनम और विजयनगरम।

रेड अलर्ट के साथ ही राज्य के पाँच अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि रेयालसीमा क्षेत्र के आठ जिले और नेल्लोर इस चेतावनी से बाहर हैं।


तूफान की स्थिति — बंगाल की खाड़ी में सक्रिय

सोमवार रात 8:30 बजे तक चक्रवात मोंथा पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में सक्रिय था और 13 किमी/घंटा की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा था।

उस समय यह

  • चेन्नई से 400 किमी उत्तर-पूर्व,
  • काकीनाडा से 410 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व
    और विशाखापट्टनम से 460 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व दिशा में स्थित था।

मौसम विभाग के अनुसार, यह चक्रवात मंगलवार सुबह तक और तीव्र रूप (Severe Cyclone) ले सकता है तथा शाम तक आंध्र प्रदेश तट से टकरा जाएगा।


भारी बारिश से कई जिले प्रभावित

सोमवार को ही इस तूफान का असर देखने को मिला।
उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के तीन जिलों—विशाखापट्टनम, श्रीकाकुलम और अनकापल्ली—में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई।

मुख्य वर्षा केंद्र:

  • जथारा (विशाखापट्टनम): 92.25 मिमी
  • मधुरवाड़ा: 86 मिमी
  • कापुलुप्पाडा: 85.25 मिमी
  • सब्बावरम (अनकापल्ली): 67.5 मिमी
  • राजम: 62.5 मिमी

अन्य स्थानों पर 60 मिमी से कम बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग के अनुसार, रात 8:30 बजे तक राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रही।


समुद्र में ऊँची लहरों की चेतावनी

भारतीय राष्ट्रीय समुद्री सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) ने आंध्र तट के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है।
इसके अनुसार, सोमवार शाम 5:30 बजे से रात 11:30 बजे तक
नेल्लोर से श्रीकाकुलम तक तटीय क्षेत्र में 2 से 4.7 मीटर ऊँची लहरें उठने की संभावना है।

इसके अलावा, समुद्र तट के निचले इलाकों में एक मीटर तक ऊँचा ज्वार (Storm Surge) आने का खतरा बताया गया है, जिससे तटीय गाँवों में जलभराव हो सकता है।

मछुआरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अगले 48 घंटे तक समुद्र में न जाएँ।


मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की तैयारी बैठक

सोमवार को मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने उच्चस्तरीय बैठक में राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया:

  • हर घंटे साइक्लोन मॉनिटरिंग बुलेटिन जारी किया जाए।
  • जनता को रियल-टाइम अपडेट्स मिलते रहें।
  • राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) को तैयार रखा जाए।
  • बिजली, सड़क, और पंचायत विभाग को पूर्ण सतर्कता में रखा जाए।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी ली जानकारी

मुख्यमंत्री नायडू ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं फोन कर राज्य की स्थिति और तैयारी की जानकारी ली।
प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।


राहत और पुनर्वास के लिए व्यापक इंतज़ाम

राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक तैयारी की है:

  • 3,211 जनरेटर तैयार रखे गए हैं ताकि बिजली आपूर्ति बाधित होने पर अस्पतालों और राहत शिविरों में बिजली बनी रहे।
  • 110 मंडलों के 2,707 गाँवों में बिजली बैकअप की व्यवस्था की गई है।
  • 851 अर्थ मूवर और 757 पावर सॉ को तैनात किया गया है ताकि गिरे पेड़ों और बिजली के खंभों को तुरंत हटाया जा सके।
  • 108 और 104 एम्बुलेंस सेवाएँ 24 घंटे के लिए तैयार रखी गई हैं।
  • गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों के लिए विशेष मेडिकल वाहन और टीमें तैनात की गई हैं।

हजारों लोगों का सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरण

काकीनाडा और कोनसीमा जैसे तटीय जिलों में, जो चक्रवात का मुख्य प्रभाव झेल सकते हैं, लगभग 10,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है।

  • इनमें से 126 गर्भवती महिलाओं को पहले ही अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
  • चार जिलों—कृष्णा, पूर्वी गोदावरी, कोनसीमा और एलुरु—में 787 गर्भवती महिलाओं को निकटतम स्वास्थ्य केंद्रों में स्थानांतरित किया गया है।

चिकित्सा शिविर और राहत केंद्र

राज्य में 551 राहत शिविरों की स्थापना की गई है।
इन शिविरों में:

  • स्वच्छ पेयजल,
  • आवश्यक दवाइयाँ,
  • भोजन और
  • चिकित्सकों की टीमें तैनात हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन शिविरों में रहने वाले लोगों को “कोई भी असुविधा न हो” यह सुनिश्चित किया जाएगा।


तटीय इलाकों में बिजली और संचार व्यवस्था

चक्रवात के चलते बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए अतिरिक्त मोबाइल टावर और सैटेलाइट फोन लगाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राहत दलों को तत्काल संचार सुविधा देने के लिए यह व्यवस्था जरूरी है ताकि किसी भी स्थिति में संपर्क न टूटे।


दक्षिण और मध्य आंध्र में हल्की बारिश

जबकि उत्तर तट पर भारी वर्षा दर्ज की गई, वहीं केंद्रीय और दक्षिणी जिलों — गुंटूर, प्रकाशम, कृष्णा और बापटला — में हल्की से मध्यम वर्षा हुई।

मौसम विभाग ने बताया कि मंगलवार को भी इन क्षेत्रों में बिजली के साथ तेज हवाओं और भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी।


सुरक्षा और सतर्कता

मुख्यमंत्री नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तूफान के बाद सैनिटेशन और सफाई कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि बीमारियाँ और संक्रमण न फैलें।

उन्होंने कहा कि —

“हमारा लक्ष्य है कि इस तूफान में एक भी जान न जाए। सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।”


परिवहन पर असर

दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) ने चेतावनी जारी की है कि 27 और 28 अक्टूबर को तूफान के कारण कुछ रेल सेवाओं में बदलाव या रद्दीकरण हो सकता है।
यात्रियों से कहा गया है कि केवल आवश्यक यात्रा ही करें।

राज्य सरकार ने भी बसों को तटीय मार्गों पर अस्थायी रूप से रोक दिया है।


चक्रवात का संभावित असर — कौन से जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, चक्रवात का सबसे अधिक प्रभाव इन जिलों में देखने को मिलेगा:

  1. काकीनाडा
  2. कोनसीमा
  3. पूर्वी गोदावरी
  4. विशाखापट्टनम
  5. अनकापल्ली
  6. विजयनगरम

इन जिलों में तेज हवाओं के साथ बिजली के खंभे गिरने, पेड़ उखड़ने और सड़कें अवरुद्ध होने की संभावना जताई गई है।


IMD की चेतावनी — अगले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण

मौसम विभाग ने कहा है कि अगले 24 घंटे राज्य के लिए निर्णायक होंगे
तूफान के तट से टकराने के बाद यह उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ेगा और बुधवार तक कमजोर पड़ सकता है।

फिर भी, भारी वर्षा और तेज हवाएँ बुधवार तक जारी रहने की संभावना है।


जनता के लिए सलाह

राज्य सरकार और मौसम विभाग ने जनता से अपील की है:

  • घरों से बाहर न निकलें जब तक अत्यंत आवश्यक न हो।
  • बिजली उपकरणों को सुरक्षित रखें।
  • निचले इलाकों में रहने वाले लोग तत्काल निकटतम राहत शिविरों में चले जाएँ।
  • स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

निष्कर्ष

Cyclone Montha अब आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों के करीब है।
सरकार ने व्यापक तैयारी कर ली है और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने स्पष्ट कहा है कि इस बार राज्य में “Zero Casualty Policy” अपनाई जाएगी — यानी किसी की जान न जाए।

तेज हवाओं, भारी बारिश और ज्वार के बीच अब नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि मंगलवार रात यह चक्रवात कितनी तीव्रता से तट से टकराएगा।


स्रोत: Raj Daily News – https://rajdailynews.in