comp 1 1742991716 AdecjO

सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन ने ब्रिटिश-इंडियन फिल्ममेकर संध्या सूरी की फिल्म ‘संतोष’ पर भारत में रिलीज पर रोक लगा दी है। फिल्म को यूके से ऑस्कर के लिए भेजा गया था और फिल्म शॉर्टलिस्ट भी हुई थी। बोर्ड का कहना है कि फिल्म में महिला संबंधित मुद्दों, इस्लामोफोबिया और इंडिया पुलिस फोर्स के प्रति हिंसा दिखाई गई है। फिल्म ‘संतोष’ जातिगत भेदभाव और यौन हिंसा जैसे मुद्दों को भी दिखाती है। बोर्ड ने फिल्म के कई सीन पर कट लगाने को कहा है। शहाना गोस्वामी ने कहा, फिल्म शायद भारत के थिएटर्स में रिलीज नहीं होगी फिल्म की एक्ट्रेस शहाना गोस्वामी ने इंडियन टुडे से बातचीत में बताया, ‘सेंसर ने फिल्म को रिलीज करने के लिए कुछ जरूरी बदलावों की एक लिस्ट दी है। लेकिन हमारी पूरी टीम उससे सहमत नहीं है क्योंकि बोर्ड फिल्म में ज्यादा बदलाव करना चाह रहे हैं। इसलिए यह फिल्म शायद भारत के थिएटर्स में रिलीज नहीं होगी।’ शहाना गोस्वामी ने कहा- यह दुख की बात है फिल्म की रिलीज रुकने पर शहाना गोस्वामी ने आगे कहा, ‘यह बहुत दुख की बात है कि जिस फिल्म को स्क्रिप्ट लेवल पर सेंसर की मंजूरी मिल गई, उसे भारत में रिलीज करने के लिए इतने सारे कट और बदलाव की जरूरत पड़ रही है।’ कान्स फिल्म फेस्टिवल के प्रीमियर में दिखाई गई थी फिल्म इस फिल्म को सबसे पहले कान्स फिल्म फेस्टिवल में प्रीमियर किया गया था। वहां फिल्म की खूब तारीफ भी हुई थी। इतना ही नहीं, बाफ्टा में यह बेस्ट डेब्यू फीचर के लिए नॉमिनेट हुई थी। शहाना गोस्वामी को एशियन फिल्म अवॉर्ड्स में बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड भी मिला था। संध्या सूरी ने भी सेंसर बोर्ड के फैसले पर बात की एक्ट्रेस के अलावा फिल्म की राइटर और डायरेक्टर संध्या सूरी ने भी सेंसर बोर्ड के फैसले पर बात की है। उन्होंने बोर्ड के फैसले को काफी निराशाजनक बताया है। संध्या सूरी ने कहा, ‘यह हम सभी के लिए काफी हैरानी वाली बात थी क्योंकि मुझे नहीं लगा था कि फिल्म में दिखाए गए मुद्दे भारतीय सिनेमा के लिए नए हैं या दूसरी फिल्मों में पहले नहीं उठाए गए हैं।’ फिल्म में ऐसा कुछ नहीं, जिसे हटाने की जरूरत हो उन्होंने कहा कि सेंसर बोर्ड ने जो लिस्ट दी है, उसे मानना इम्पॉसिबल है। ‘मेरे लिए यह बहुत जरूरी था कि फिल्म भारत में रिलीज हो। मुझे नहीं लगता कि मेरी फिल्म में कुछ भी ऐसा दिखाया गया है, जिसे हटाने की जरूरत हो।’ फिल्म संतोष की कहानी बता दें, इस फिल्म में एक ऐसी महिला की कहानी दिखाई गई है, जिसे उसके पति की मौत के बाद उसकी जगह पर पुलिस में नौकरी मिलती है। और फिर उस महिला को एक दलित लड़की की हत्या का केस सौंपा जाता है।

By

Leave a Reply

You missed