Election Commission of India SIR 2025: देशभर में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण आज से, 10 से 15 राज्यों में होगी पहली शुरुआतElection Commission of India SIR 2025: देशभर में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण आज से, 10 से 15 राज्यों में होगी पहली शुरुआत

निर्वाचन आयोग आज करेगा देशभर में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) की घोषणा

भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India – ECI) आज देशभर में मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) 2025 की घोषणा करने जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, आयोग सोमवार शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कार्यक्रम की पहली चरण की रूपरेखा सार्वजनिक करेगा।

इस विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया में 10 से 15 राज्यों को शामिल किए जाने की संभावना है, जिनमें वे राज्य भी होंगे जहाँ 2026 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।


क्या है Special Intensive Revision (SIR)?

Special Intensive Revision (SIR) निर्वाचन आयोग की वह प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मतदाता सूचियों (Voter Lists) को अद्यतन किया जाता है।
इसमें नए मतदाताओं को जोड़ा जाता है, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं, और मौजूदा डेटा की जांच की जाती है ताकि हर व्यक्ति का एक ही स्थान पर नाम दर्ज हो और किसी प्रकार की दोहराव (duplication) न रहे।

Election Commission of India SIR 2025: देशभर में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण आज से, 10 से 15 राज्यों में होगी पहली शुरुआत
Election Commission of India SIR 2025: देशभर में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण आज से, 10 से 15 राज्यों में होगी पहली शुरुआत

इस बार का SIR कार्यक्रम देशभर में एकसमान रूप से लागू किया जाएगा, ताकि 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सभी सूचियाँ सटीक और पारदर्शी हो सकें।


पहले चरण में शामिल होंगे ये राज्य

हालांकि आयोग की ओर से विस्तृत सूची अभी जारी नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक पहले चरण में लगभग 10 से 15 राज्य शामिल होंगे।
इनमें मुख्य रूप से वे राज्य होंगे जहाँ अगले साल चुनाव होने हैं — जैसे कि:

  • तमिलनाडु (Tamil Nadu)
  • पश्चिम बंगाल (West Bengal)
  • केरल (Kerala)
  • असम (Assam)
  • पुडुचेरी (Puducherry)

इन राज्यों में 2026 में विधानसभा चुनाव निर्धारित हैं, इसलिए निर्वाचन आयोग ने पहले चरण की शुरुआत इन्हीं क्षेत्रों से करने की योजना बनाई है।


मतदाता सूची सुधार — पारदर्शिता और सटीकता की दिशा में कदम

ECI के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, SIR का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटि-मुक्त बनाना है
आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान अधिकार से वंचित न रहे और प्रत्येक मतदाता का नाम सही निर्वाचन क्षेत्र में दर्ज हो।

पिछले कुछ वर्षों में ECI ने मतदाता पहचान से जुड़ी तकनीकी प्रणालियों को आधुनिक बनाया है, जिसमें Aadhaar Linking, Digital Voter ID (EPIC) और Voter Helpline App जैसी सेवाएँ शामिल हैं।
SIR 2025 में इन सभी उपकरणों का इस्तेमाल कर, मतदाता डेटा का डिजिटल सत्यापन भी किया जाएगा।


दो दिवसीय सम्मेलन में तैयारियों की समीक्षा

निर्वाचन आयोग ने पिछले हफ्ते, 23 अक्टूबर 2025 को संपन्न हुए दो दिवसीय मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (Chief Electoral Officers – CEO) के सम्मेलन में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तैयारियों की समीक्षा की थी।

इस दौरान आयोग ने राज्यों से उनके पिछले SIR (पुनरीक्षण) के आंकड़ों की तुलना करने और वर्तमान मतदाताओं को पुराने डेटा से मिलान करने का निर्देश दिया था।
इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी मतदाता दोहरी प्रविष्टि या गलत क्षेत्र में दर्ज न हो।

आयोग के एक बयान के अनुसार —

“मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने राज्य में वर्तमान मतदाताओं का डेटा पिछले विशेष पुनरीक्षण के रिकॉर्ड से मिलाएँ, ताकि सूची में पारदर्शिता बनी रहे।”


SIR प्रक्रिया कब और कैसे चलेगी?

ECI की योजना के अनुसार, SIR की प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाएगी:

  1. प्रारंभिक प्रकाशन (Draft Publication):
    • राज्यवार प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
    • नागरिकों को अपने नाम की जांच करने और सुधार के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा।
  2. आवेदन और दावा-आपत्ति (Claims & Objections):
    • निर्धारित अवधि में नागरिक नए नाम जोड़ने, संशोधन करने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
  3. अंतिम प्रकाशन (Final Publication):
    • सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद संशोधित अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।

इन चरणों में स्थानीय निर्वाचन अधिकारियों की टीम और BLO (Booth Level Officers) घर-घर जाकर डेटा सत्यापन करेगी।


मतदाता सूची में त्रुटियाँ — आयोग की बड़ी चिंता

पिछले कुछ वर्षों में कई राज्यों से मतदाता सूचियों में डुप्लिकेट नाम, मृत व्यक्तियों के नाम और पता त्रुटियों की शिकायतें आई थीं।
2023 में बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में हुई मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान ऐसे कई मामले सामने आए थे।

इस बार आयोग विशेष सतर्कता बरत रहा है ताकि 2026 के चुनाव से पहले मतदाता सूची पूरी तरह सटीक हो।
इसी वजह से SIR 2025 को “पैन-इंडिया सुधार कार्यक्रम” के रूप में चलाया जा रहा है।


तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल

SIR 2025 में निर्वाचन आयोग कई तकनीकी सुधारों का उपयोग करने जा रहा है, जैसे कि:

  • Aadhaar Seeding:
    हर मतदाता की पहचान को आधार नंबर से जोड़ने की प्रक्रिया।
  • NVSP पोर्टल और Voter Helpline App:
    नागरिक अब ऑनलाइन भी अपना नाम चेक कर सकते हैं और सुधार के लिए आवेदन दे सकते हैं।
  • Geo-tagging of Polling Stations:
    मतदान केंद्रों को भौगोलिक रूप से टैग किया जाएगा ताकि किसी भी क्षेत्र में मतदाता केंद्रों की कमी न हो।
  • AI आधारित Data Matching:
    दोहरी प्रविष्टियों को रोकने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सॉफ्टवेयर का प्रयोग किया जाएगा।

राज्यों की तैयारियाँ और चुनौतियाँ

तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम पहले से शुरू हो चुका है।
आयोग ने मद्रास हाईकोर्ट को यह जानकारी दी है कि तमिलनाडु में एक सप्ताह के भीतर SIR की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

हालांकि, कुछ पूर्वोत्तर राज्यों और पहाड़ी इलाकों में भौगोलिक चुनौतियाँ इस प्रक्रिया को धीमा कर सकती हैं।
इसके लिए आयोग ने स्थानीय प्रशासन से सहयोग मांगा है ताकि दूरस्थ क्षेत्रों तक भी टीमों की पहुँच सुनिश्चित हो सके।


2026 विधानसभा चुनावों की तैयारी

SIR 2025 का आयोजन मुख्यतः उन राज्यों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है जहाँ अगले वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।
इनमें तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुडुचेरी प्रमुख हैं।

इन राज्यों की मतदाता सूची को अद्यतन करने के बाद आयोग चुनावी कार्यक्रम तय करेगा।
सटीक मतदाता डेटा से चुनाव प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय और निष्पक्ष हो सकेगी।


पारदर्शी चुनाव की दिशा में बड़ा कदम

निर्वाचन आयोग पिछले कुछ वर्षों में लगातार प्रयास कर रहा है कि भारत की चुनाव प्रक्रिया को अधिक तकनीकी, पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल बनाया जाए।
SIR 2025 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

यह न केवल आगामी चुनावों को व्यवस्थित करेगा, बल्कि यह सुनिश्चित करेगा कि हर पात्र नागरिक को लोकतंत्र में अपनी भागीदारी का अधिकार मिले।


निष्कर्ष

निर्वाचन आयोग का यह कदम देशभर में मतदाता सूची की सटीकता और पारदर्शिता को बढ़ाने की दिशा में अहम साबित होगा।
आज शाम होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोग पहले चरण के राज्यों, तारीखों और विस्तृत दिशानिर्देशों की घोषणा करेगा।

पैन-इंडिया स्तर पर इस विशेष पुनरीक्षण से लाखों नए मतदाता शामिल होंगे और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव आयोग की तैयारी को नई गति मिलेगी।


स्रोत: Raj Daily News – https://rajdailynews.in