तिरुवनंतपुरम | 28 सितंबर 2026: भारत और वेस्टइंडीज के बीच तिरुवनंतपुरम में खेले गए पहले वनडे में विराट कोहली ने एक बार फिर अपनी बल्लेबाजी से कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए। भारत ने यह मुकाबला 8 विकेट से जीता और तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 295/7 रन बनाए, जिसके जवाब में भारत ने 41.4 ओवर में 300/2 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया।

इस जीत के सबसे बड़े नायक विराट कोहली रहे। उन्होंने सिर्फ 88 गेंदों पर नाबाद 139 रन बनाए। उनकी पारी में 10 चौके और 9 छक्के शामिल रहे। कप्तान शुभमन गिल ने भी 110 रन की शानदार पारी खेली। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 151 रन की साझेदारी हुई, जिसने भारत के लिए रनचेज को काफी आसान बना दिया।

कोहली की यह पारी इसलिए भी खास रही क्योंकि इसी दौरान उन्होंने 15,000 वनडे रन पूरे किए, अपना 55वां ODI शतक लगाया, लिस्ट-A क्रिकेट में 60 शतकों की बराबरी की और भारत में अपना 42वां अंतरराष्ट्रीय शतक लगाया। साथ ही उन्होंने एक वनडे पारी में अपने सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी बनाया।


मैच की कहानी: वेस्टइंडीज ने 295 रन बनाए, भारत ने 41.4 ओवर में लक्ष्य हासिल किया

टॉस जीतकर भारत ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। वेस्टइंडीज की शुरुआत मजबूत रही। जॉन कैंपबेल और जस्टिन ग्रीव्स ने पहले विकेट के लिए 135 रन की साझेदारी कर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया। कैंपबेल ने 62 रन बनाए, जबकि ग्रीव्स ने 101 रन की पारी खेलकर अपना पहला वनडे शतक पूरा किया।

हालांकि बीच के ओवरों में कुलदीप यादव ने मैच का रुख बदल दिया। उन्होंने वेस्टइंडीज के चार बल्लेबाजों को आउट किया और 40 रन देकर 4 विकेट लिए। वेस्टइंडीज की टीम 50 ओवर में 295/7 रन तक पहुंच सकी।

भारत के सामने 296 रन का लक्ष्य था।

रोहित शर्मा ने 35 गेंदों पर 32 रन बनाकर भारत को तेज शुरुआत दी। उनके आउट होने के बाद विराट कोहली क्रीज पर आए और शुभमन गिल के साथ पारी को संभाला। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 151 रन जोड़कर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। गिल ने 110 रन बनाए, जबकि कोहली अंत तक नाबाद रहे।

भारत ने 41.4 ओवर में 300/2 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया।


कोहली ने 15 हजार ODI रन पूरे किए, सचिन का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा

इस मैच में कोहली की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक रही 15,000 वनडे रन पूरे करना।

कोहली यह मुकाम हासिल करने वाले इतिहास के सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बने। उनसे पहले सिर्फ सचिन तेंदुलकर ने वनडे क्रिकेट में 15 हजार से ज्यादा रन बनाए हैं। सचिन के नाम 18,426 ODI रन हैं।

लेकिन कोहली ने यह उपलब्धि सचिन से काफी कम पारियों में हासिल की।

विराट कोहली – 303 पारियां
सचिन तेंदुलकर – 377 पारियां

यानी कोहली ने 15 हजार रन तक पहुंचने के लिए सचिन से 74 पारियां कम लीं। यही वजह है कि वह ODI इतिहास में सबसे तेज 15,000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बन गए।

कोहली ने इस मैच में 15 हजार रन पूरे करने के बाद भी अपनी बल्लेबाजी की रफ्तार कम नहीं की। उन्होंने अंत तक नाबाद रहते हुए 139 रन बनाए और भारत को लक्ष्य तक पहुंचाया।

इस मैच के बाद कोहली के वनडे रनों की संख्या 15,080 हो गई।


55वां ODI शतक, 139 रन और एक पारी में 9 छक्के

विराट कोहली ने इस मुकाबले में अपने वनडे करियर का 55वां शतक लगाया। उन्होंने 74 गेंदों में अपना शतक पूरा किया और 88 गेंदों में 139 रन बनाकर नाबाद रहे। यह उनके ODI करियर के सबसे तेज शतकों में तीसरे स्थान पर आता है।

लेकिन इस पारी की सबसे ज्यादा चर्चा उनके छक्कों को लेकर हुई।

कोहली ने इस मैच में 9 छक्के लगाए।

यह वनडे की एक पारी में उनका अब तक का सबसे बड़ा छक्कों का आंकड़ा है। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 8 छक्कों का था, जो उन्होंने 2023 में इसी तिरुवनंतपुरम मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ लगाया था।

यानी जिस मैदान पर कोहली ने तीन साल पहले 166 रन की पारी खेलते हुए 8 छक्के लगाए थे, उसी मैदान पर उन्होंने अब 9 छक्कों के साथ अपना ही रिकॉर्ड बेहतर कर दिया।

उनकी 139 रन की पारी में कुल 10 चौके और 9 छक्के रहे।


भारत में 42वां अंतरराष्ट्रीय शतक, सचिन की बराबरी

कोहली की इस सेंचुरी का एक और बड़ा रिकॉर्ड भारत में बना।

तिरुवनंतपुरम में लगाया गया शतक भारत की जमीन पर कोहली का 42वां अंतरराष्ट्रीय शतक था। इसके साथ उन्होंने सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।

सचिन ने भी भारत में 42 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाए हैं। इस तरह किसी एक देश में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय शतक लगाने के मामले में कोहली और सचिन अब संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं।

कोहली के इन 42 शतकों में टेस्ट और वनडे दोनों प्रारूपों के शतक शामिल हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक भारत में उनके 42 अंतरराष्ट्रीय शतकों में 14 टेस्ट और 28 वनडे शतक हैं।

यह रिकॉर्ड इसलिए खास है क्योंकि सचिन और कोहली दोनों भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े बल्लेबाजी रिकॉर्डों के साथ लगातार जुड़े रहे हैं। एक दौर में जिन रिकॉर्डों को सचिन के नाम से जोड़ा जाता था, उनमें से कई अब कोहली के नाम या बराबरी पर आ चुके हैं।


लिस्ट-A क्रिकेट में 60 शतक, सचिन के बराबर

कोहली का 55वां ODI शतक उनके करियर का सिर्फ एक और अंतरराष्ट्रीय शतक नहीं था। इस शतक के साथ उन्होंने लिस्ट-A क्रिकेट में 60 शतक पूरे कर लिए।

लिस्ट-A क्रिकेट में अंतरराष्ट्रीय वनडे के साथ-साथ आधिकारिक घरेलू 50 ओवर के मुकाबले भी शामिल होते हैं।

कोहली ने 338 पारियों में 60 लिस्ट-A शतक पूरे किए, जबकि सचिन तेंदुलकर ने 538 पारियों में 60 शतक पूरे किए थे। इस तरह कुल लिस्ट-A शतकों के मामले में कोहली ने सचिन की बराबरी कर ली है।

यह आंकड़ा खास तौर पर इसलिए दिलचस्प है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोहली ने सचिन का ODI शतकों का रिकॉर्ड पहले ही पीछे छोड़ दिया था। अब लिस्ट-A क्रिकेट के बड़े आंकड़ों में भी दोनों एक ही संख्या पर पहुंच गए हैं।


रनचेज में कोहली का दबदबा, 112 जीत का हिस्सा

विराट कोहली को वनडे क्रिकेट में रनचेज का विशेषज्ञ बल्लेबाज माना जाता है और आंकड़े भी इस क्षेत्र में उनकी निरंतरता दिखाते हैं।

वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत के साथ कोहली वनडे रनचेज में टीम की 112 जीतों का हिस्सा रहे हैं। इस आंकड़े में उनसे आगे सचिन तेंदुलकर और एमएस धोनी हैं।

रिकॉर्ड के अनुसार सचिन 127 जीतों, धोनी 116 और कोहली 112 जीतों में रनचेज के दौरान भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं।

यानी जब लक्ष्य का पीछा करने की बात आती है, तो कोहली का नाम वनडे क्रिकेट के सबसे सफल बल्लेबाजों में लगातार दिखाई देता है।

इस मैच में भी कुछ ऐसा ही हुआ। भारत को 296 रन का लक्ष्य मिला था। शुरुआत में रोहित शर्मा के आउट होने के बाद कोहली ने गिल के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया। दोनों ने दबाव को धीरे-धीरे कम किया और बाद में रन गति को काफी तेज कर दिया।


वेस्टइंडीज के खिलाफ कोहली का 10वां वनडे शतक

विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ इस मैच में अपना 10वां ODI शतक लगाया।

यह भी एक खास रिकॉर्ड है। कोहली अब ODI इतिहास में ऐसे पहले बल्लेबाज बन गए हैं, जिन्होंने दो अलग-अलग टीमों के खिलाफ 10-10 वनडे शतक लगाए हैं।

वेस्टइंडीज के खिलाफ यह उनका 10वां शतक था। इससे पहले वह श्रीलंका के खिलाफ भी 10 ODI शतक लगा चुके हैं।

इस रिकॉर्ड की खास बात यह है कि कोहली ने किसी एक टीम के खिलाफ शतकों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ दूसरी टीम के खिलाफ भी वही आंकड़ा हासिल कर लिया है।

यानी अब उनके रिकॉर्ड में दो टीमों के खिलाफ दोहरे अंकों में ODI शतक दर्ज हैं।


तिरुवनंतपुरम में फिर चला कोहली का बल्ला

तिरुवनंतपुरम का मैदान विराट कोहली के लिए एक बार फिर यादगार बन गया।

2023 में इसी मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ कोहली ने नाबाद 166 रन बनाए थे और उस पारी में 8 छक्के लगाए थे। तीन साल बाद उसी मैदान पर उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ 139* रन बनाए और इस बार 9 छक्के जड़ दिए।

यानी मैदान वही रहा, लेकिन रिकॉर्ड एक बार फिर बदल गया।

2023 में 8 छक्के उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ था। 2026 में उन्होंने उसी आंकड़े को पीछे छोड़ते हुए 9 छक्के लगाए।

कोहली की इस पारी में शुरुआत अपेक्षाकृत नियंत्रित रही। वह पहले पारी को समझते नजर आए, लेकिन जैसे-जैसे लक्ष्य करीब आता गया, उनके शॉट्स में आक्रामकता बढ़ती गई।

अंत में भारत को जीत के लिए कुछ ही रन चाहिए थे और कोहली ने छक्का लगाकर मुकाबला खत्म किया।


74 गेंदों में शतक, करियर का तीसरा सबसे तेज ODI शतक

कोहली ने इस मैच में अपना शतक 74 गेंदों में पूरा किया।

उनके करियर में इससे तेज दो ODI शतक हैं। सबसे तेज शतक 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जयपुर में 52 गेंदों में आया था। उसी साल नागपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने 61 गेंदों में शतक लगाया था।

वेस्टइंडीज के खिलाफ 74 गेंदों में आया शतक उनके करियर का तीसरा सबसे तेज ODI शतक बन गया।

यह आंकड़ा इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि कोहली ने इस मैच में पहले लक्ष्य की स्थिति को समझा और फिर तेजी से रन बनाए। यानी पारी सिर्फ बड़े शॉट्स की वजह से तेज नहीं हुई, बल्कि उन्होंने परिस्थिति के हिसाब से अपनी बल्लेबाजी की रफ्तार बदली।


घर में 7 हजार से ज्यादा ODI रन भी पूरे किए

इस मैच के दौरान कोहली ने भारत में अपने ODI रनों का आंकड़ा भी 7,000 के पार पहुंचा दिया।

वह भारत में 7,000 ODI रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बने। इससे पहले यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था, जिन्होंने भारतीय जमीन पर 6,976 ODI रन बनाए थे।

इस उपलब्धि के साथ तिरुवनंतपुरम की पारी में कोहली के रिकॉर्डों की सूची और लंबी हो गई।

एक ही मैच में—

  • 15,000 ODI रन
  • 55वां ODI शतक
  • 60वां List-A शतक
  • भारत में 42वां अंतरराष्ट्रीय शतक
  • भारत में 7,000 से ज्यादा ODI रन
  • एक ODI पारी में 9 छक्के
  • वेस्टइंडीज के खिलाफ 10वां ODI शतक

जैसी उपलब्धियां उनके नाम दर्ज हुईं।


शुभमन गिल ने भी लगाया शतक

भारत की जीत में विराट कोहली के साथ कप्तान शुभमन गिल का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा।

गिल ने 108 गेंदों पर 110 रन बनाए। उनकी पारी में 13 चौके और एक छक्का शामिल रहा। कोहली और गिल ने दूसरे विकेट के लिए 151 रन की साझेदारी की।

इस साझेदारी ने भारत के रनचेज की दिशा लगभग तय कर दी।

रोहित शर्मा ने शुरुआत में 32 रन बनाए और उनके आउट होने के बाद गिल और कोहली ने पारी को संभाला। गिल के आउट होने के बाद भी कोहली ने रन गति को बनाए रखा और रुतुराज गायकवाड़ के साथ मिलकर भारत को लक्ष्य तक पहुंचाया।

भारत ने 41.4 ओवर में 300/2 बनाकर मुकाबला 8 विकेट से अपने नाम किया।


जस्टिन ग्रीव्स का भी यादगार शतक

जहां भारतीय पारी में कोहली और गिल के शतक चर्चा में रहे, वहीं वेस्टइंडीज की ओर से जस्टिन ग्रीव्स ने भी शानदार शतक लगाया।

ग्रीव्स ने 101 रन बनाए और यह उनका वनडे क्रिकेट में पहला शतक था। उन्होंने 108 गेंदों का सामना किया। यह शतक उन्होंने अपने वनडे करियर के 26वें मैच में लगाया।

ग्रीव्स ने 32 साल 213 दिन की उम्र में अपना पहला ODI शतक लगाया। इस उम्र में वह वेस्टइंडीज के लिए अपना पहला वनडे शतक लगाने वाले सबसे उम्रदराज बल्लेबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर आ गए।

उनकी और जॉन कैंपबेल की 135 रन की शुरुआती साझेदारी ने वेस्टइंडीज को अच्छी शुरुआत दी। कैंपबेल ने 62 रन बनाए।

हालांकि भारतीय गेंदबाजों ने बाद के ओवरों में वापसी की। कुलदीप यादव की चार विकेट की गेंदबाजी ने वेस्टइंडीज की पारी की गति को रोक दिया और टीम 295/7 तक ही पहुंच सकी।


एक मैच, कई रिकॉर्ड और कोहली की एक और यादगार पारी

तिरुवनंतपुरम में हुआ यह मुकाबला सिर्फ भारत की 8 विकेट की जीत तक सीमित नहीं रहा। विराट कोहली की 139* रन की पारी ने इसे रिकॉर्ड्स से भरा मैच बना दिया।

कोहली ने पहले 15,000 ODI रन पूरे किए। फिर 55वां ODI शतक लगाया। इसके बाद वह लिस्ट-A क्रिकेट में 60 शतक तक पहुंचे। भारत में 42वां अंतरराष्ट्रीय शतक लगाकर सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड की बराबरी की। उन्होंने एक वनडे पारी में पहली बार 9 छक्के लगाए और वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना 10वां ODI शतक भी पूरा किया।

इसके अलावा रनचेज में उनकी 112वीं जीत भी दर्ज हुई।

इन उपलब्धियों को एक साथ देखें तो तिरुवनंतपुरम की यह पारी कोहली के ODI करियर की उन पारियों में शामिल हो गई है, जिनमें सिर्फ रन नहीं बने, बल्कि कई रिकॉर्ड भी बदले।


रिकॉर्ड्स पर एक नजर

उपलब्धिविराट कोहली का आंकड़ा
वनडे में कुल रन15,080
ODI शतक55
लिस्ट-A शतक60
एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के9
भारत में अंतरराष्ट्रीय शतक42
वेस्टइंडीज के खिलाफ ODI शतक10
रनचेज में टीम की जीतों का हिस्सा112
भारत में ODI रन7,000+
इस मैच में स्कोर139*
गेंदें88
चौके10
छक्के9

इन आंकड़ों की पुष्टि मैच रिपोर्टों और उपलब्ध क्रिकेट स्टैट्स से होती है।


सचिन से तुलना में आंकड़े क्या कहते हैं?

विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर की तुलना भारतीय क्रिकेट में लगातार होती रही है। इस मैच के बाद फिर से दोनों के रिकॉर्ड एक साथ चर्चा में आए हैं।

15,000 ODI रन तक पहुंचने के लिए सचिन ने 377 पारियां खेलीं, जबकि कोहली ने 303 पारियों में यह मुकाम हासिल किया। वहीं दोनों के नाम लिस्ट-A क्रिकेट में 60-60 शतक हैं। भारत में अंतरराष्ट्रीय शतकों की संख्या भी अब दोनों की 42-42 है।

हालांकि दोनों अलग-अलग दौर के क्रिकेटर रहे हैं और उनके करियर की परिस्थितियां भी अलग रही हैं। इसलिए सिर्फ एक आंकड़े के आधार पर पूरे करियर की तुलना करना उचित नहीं होगा। लेकिन यह तथ्य जरूर है कि कोहली ने ODI क्रिकेट के कई बड़े रिकॉर्डों में अपनी जगह बनाई है और इस मैच के बाद उनके नाम एक और बड़ा रिकॉर्ड जुड़ गया।

सचिन अभी भी ODI क्रिकेट में 18,426 रन के साथ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। कोहली अब 15,000 रन के आंकड़े को पार करने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज हैं।


अगला मुकाबला अब गुवाहाटी में

पहले वनडे में जीत के बाद भारत ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। सीरीज का अगला मुकाबला गुवाहाटी में खेला जाएगा, जबकि तीसरा वनडे चंडीगढ़ में होना है। इसके बाद भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज भी खेली जाएगी।

पहले मैच में भारत को जहां कोहली और गिल के शतकों से मजबूती मिली, वहीं गेंदबाजी में कुलदीप यादव ने 4 विकेट लेकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वेस्टइंडीज के लिए जस्टिन ग्रीव्स का शतक एक सकारात्मक पहलू रहा, लेकिन टीम भारतीय बल्लेबाजी के सामने 296 रन के स्कोर का बचाव नहीं कर सकी।


निष्कर्ष

तिरुवनंतपुरम में विराट कोहली ने सिर्फ एक शतक नहीं लगाया, बल्कि एक ही पारी में कई रिकॉर्ड अपने नाम किए।

139 रन नाबाद, 9 छक्के, 55वां ODI शतक और 15,000 वनडे रन।

इसके साथ ही लिस्ट-A क्रिकेट में 60 शतक, भारत में 42 अंतरराष्ट्रीय शतक और वेस्टइंडीज के खिलाफ 10वां ODI शतक भी उनके नाम दर्ज हो गया।

भारत ने मुकाबला 8 विकेट से जीत लिया, लेकिन इस मैच की सबसे बड़ी कहानी कोहली की वह पारी रही, जिसमें अनुभव, तेजी और आक्रामक बल्लेबाजी तीनों एक साथ नजर आए।

तिरुवनंतपुरम में एक बार फिर विराट कोहली ने अपने बल्ले से आंकड़ों की किताब में नया पन्ना जोड़ दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *